मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
बृहत्संहिता • अध्याय 5 • श्लोक 61
शुक्रः सस्यविमर्दं नानाक्लेशांश्च जनयति धरित्र्याम् । रविजः करोत्यवृष्टिं दुर्भिक्षं तस्करभयं च ॥
यदि शुक्र की दृष्टि हो तो फसलों की बर्बादी होगी तथा भूमि में अनेक प्रकार के कष्ट एवं परेशानियाँ उत्पन्न होंगी। जब शनि की दृष्टि हो तो वर्षा नहीं होगी, अकाल पड़ेगा और चोरों से खतरा होगा।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
बृहत्संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

बृहत्संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें