अरुणकिरणानुरूपे दुर्भिक्षावृष्तयो विहगपीडा ।
आधूम्रे क्षेमसुभिक्षमादिशेत्मन्दवृष्टिं च ॥
जब रंग उगते सूर्य की किरणों के समान हो तो अकाल और सूखा पड़ेगा तथा पक्षियों को कष्ट होगा। जब रंग भूरा हो तो चारों ओर समृद्धि होगी और वर्षा सीमित होगी।
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