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बृहत्संहिता • अध्याय 5 • श्लोक 26
यद्येकस्मिन् मासे ग्रहणं रविसोमयोः तदा क्षितिपाः । स्वबलक्षोभैः संक्षयमायान्त्यतिशस्त्रकोपश्च ॥
यदि एक ही महीने में सूर्य और चंद्र दोनों ग्रहण हों, तो राजा अपनी सेना के खुले विद्रोह से विनाश का सामना करेंगे। आगे भी भयंकर रक्तपात होगा।
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