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बृहत्संहिता • अध्याय 5 • श्लोक 13
एवमुपरागकारणमुक्तमिदं दिव्यदृग्भिः आचार्यैः । राहुः अकारणमस्मिन् इत्युक्तः शास्त्रसद्भावः ॥
इस प्रकार ग्रहणों का कारण हमारे दिव्यदृष्टि सम्पन्न प्राचीन आचार्यों ने बताया है। अत: वैज्ञानिक सत्य यह है कि राहु इसका बिल्कुल भी कारण नहीं है।
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