क्रियमाणं यदि पत्रं सुखेन विस्तारमेति पट्टस्य ।।
वृद्धिजयी भूमिपतेस्तथा प्रजानां च सुखसम्पत् ॥
यदि मुकुट के बनाये हुये पत्र अनायास फैल जायें तो राजा की वृद्धि और विजय होती है तथा प्रजा को सुख-सम्पत्ति प्राप्त होती है।
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