प्रत्येक पुष्य नक्षत्र में किया हुआ यह स्नान सुख, यश और धन की वृद्धि करने बाला होता है। पुष्य नक्षत्र को छोड़कर अन्य नक्षत्र में यथाविधि यह स्नान करने से आधा फल देने भाला होता है। पर पुष्य नक्षत्रयुत पूर्णिमा के दिन का यह स्नान सर्वोत्कृष्ट है।
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