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बृहत्संहिता • अध्याय 48 • श्लोक 78
यान्तु देवगणाः सर्वे पूजामादाय पार्थिवात् ।। सिद्धिं दत्त्वा तु विपुलां पुनरागमनाय च ॥
हे देवगण! आप सब राजा द्वारा प्रदत्त पूजा को प्राप्त कर उनको महान् सिद्धि देकर फिर आगमन के लिये गमन करें।
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