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बृहत्संहिता • अध्याय 48 • श्लोक 73
आयुष्यं वर्चस्यं रायस्पोषाभिऋग्भिरेताभिः । परिजप्तं वैजयिकं नवं विद्ध्यादलङ्कारम् ॥
आयुष्यं, वर्चस्वं, रायस्पोष आदि छः ऋचाओं से अभिमन्त्रित विजय करने वाला नथीन आभूषण राजा पहने।
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