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बृहत्संहिता • अध्याय 48 • श्लोक 71
आपोहिष्ठातिसृभिर्हिरण्यवर्णेति चतसृभिर्जप्तम् । कार्पासिकवस्त्रदुर्ग विभृयात् स्नातो नराधिपतिः ॥
स्नान करके राजा आपोहिष्या इत्यादि तीन ऋचाओं और हिरण्यवर्णा इत्यादि चार ऋचाओं से अभिमन्त्रित यत्र पहने।
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