मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
बृहत्संहिता • अध्याय 48 • श्लोक 55
सुरास्त्वामभिषिष्ठन्तु ये च सिद्धाः पुरातनाः । भिषग्वरौ। ब्रह्मा विष्णुच रुद्रक्ष साध्याक्ष समरुद्रणाः ॥
सभी देवता तुम्हारा अभिषेक करें-सिद्ध, पुरातन देव (ब्रह्मा, विष्णु, शिव ), साध्य, वायु के समुदाय, आदित्य, वसु, रुद्र, वैद्यों में श्रेष्ठ दोनों अश्विनीकुमार,
पूरा ग्रंथ पढ़ें
बृहत्संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

बृहत्संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें