बाद में पुरोहित प्राधान्य क्रम से नाग, यक्ष, देव, पितर, गन्धर्व, अप्सरा, मुनि और सिद्धों की स्थापना को तथा अधिनी आदि सब नक्षत्रों के साथ ग्रह, ब्राह्मी आदि
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