मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
बृहत्संहिता • अध्याय 48 • श्लोक 23
अपरेऽहनि प्रभाते सम्भारानुपहरेद्यथोक्तगुणान् । गत्वाऽवनिप्रदेशे श्लोकाश्चाप्यत्र मुनिगीताः ॥
दूसरे दिन प्रात:काल उस पृथ्वी प्रदेश में जाकर उक्त गुणों से युत सामान एकत्रित करें। यहाँ पर मुनि (वृद्ध गर्ग) से कथित ये बक्ष्यमान श्लोक हैं।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
बृहत्संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

बृहत्संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें