आवाहित देवता आदि की पूजा करके सभी (दैवज्ञ, मन्त्री, याजक) वह रात्रि
बहीं व्यतीत करें। बाद में रात्रि में जो स्वप्न दिखाई दे, तदनुसार ही शुभाशुभ फल जानना चाहिये, इसको जानने की विधि यात्रा नामक ग्रन्थ में कही गई है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
बृहत्संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
बृहत्संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।