भस्माङ्गारास्थ्यूषरतुषकेशश्वभ्रकर्कटावासैः श्वाविधमूषकविवरैर्वल्मीकैर्या च सन्त्यक्ता ॥
राख, कोयला, हट्टी, ऊपर, भूसी, केश, गड्ढा हो तथा केंकड़ा, बिल में रहने वाला जन्तु, चूहा और दोमक आदि से रहित,
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