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बृहत्संहिता • अध्याय 47 • श्लोक 9
उत्तरमार्गे स्पष्टमयूखाः शान्तिकरास्ते तनृपतीनाम् । हस्वशरीरा भस्मसवर्णा दोषकराः स्युर्देशनृपाणाम् ॥
यदि चन्द्र आदि ग्रह स्पष्ट किरण बाले होकर उत्तर मार्ग में स्थित हों तो उत्तर दिशा में स्थित राजाओं में शान्ति करने वाले होते हैं। यदि अल्प विम्ब वाल्लल्या भस्म के समान वर्ण वाले हों तो उस दिशा में स्थित राजाओं में दोष उत्पन्न करने वाले होते हैं।
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