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बृहत्संहिता • अध्याय 47 • श्लोक 8
दक्षिणां ककुभमाश्रितस्तु तैर्दक्षिणापथपयोमुचां क्षयः। हीनरूक्षतनुभिश्च विग्रहः स्थूलदेहकिरणान्वितैः शुभम् ॥
यदि चन्द्र आदि ग्रह दक्षिण दिशा में स्थित हों तो दक्षिण दिशा में मेघों का नाश करते हैं। यदि ये ग्रह अल्प विम्ब वाले और रूक्ष हों तो विग्रह तथा स्थूल बिम्ब वाले किरणयुक्त हों तो शुभ होता है।
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