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बृहत्संहिता • अध्याय 47 • श्लोक 6
पीडयन्ति यदि कृत्तिकां मयां रोहिणीं श्रवणमैन्द्रमेव वा। प्रोज्झन सूर्यमपरे ग्रहास्तदा पश्चिमा दिगनयेन पीडयते ॥
यदि सूर्य को छोड़ कर अन्य ( चन्द्रादि) ग्रह कृत्तिका, मघा, रोहिणी, श्रवणा या ज्येष्ठा नक्षत्र को पीड़ित (दक्षिण मार्ग में गमन या योगतारा के भेदन से पीड़ित करते हो हो अन्याय से पश्चिम दिशा पोदित होती है।
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