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बृहत्संहिता • अध्याय 47 • श्लोक 27
भानोरुदये यदि वास्तमये गन्धर्वपुरप्रतिमा ध्वजिनी । विम्बं निरुणद्धि तदा नृपतेः प्राप्तं समरं सभयं प्रवदेत् ॥
सूर्य के उदय या अस्त समय में पताकायुत गन्धर्व नगर की प्रतिमा सूर्यबिम्ब को छादित करे तो राजा को भयङ्कर युद्ध की प्राप्ति होगी- ऐसा कहना चाहिये।
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