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बृहत्संहिता • अध्याय 47 • श्लोक 21
उदयेऽस्ते वा भानोयें दीर्घा रश्मयस्त्वमोधास्ते । सुरचापखण्डमृजु यद्रोहितमैरावतं दीर्घम् ॥
तथा उदय या अस्त समय में सूर्य के लम्बे किरण 'अमोध' संज्ञक, स्पष्ट इन्द्रधनुष के खण्ड 'रोहित' संज्ञक और लम्बे सीधे इन्द्रधनुष 'ऐरावत' संज्ञक होते हैं।
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