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बृहत्संहिता • अध्याय 47 • श्लोक 19
पित्र्यमैत्रपुरुहूतविशाखात्वाष्ट्रमेत्य च युनक्ति शशाङ्कः। दक्षिणेन न शुभः शुभकृत्स्याद्यद्युदक्चरति मध्यगतो वा ॥
यदि चन्द्रमा मघा, अनुराधा, ज्येष्ठा, विशाखा और चित्रा नक्षत्र में जाकर दक्षिण मार्ग में होकर गमन करे तो अशुभ और उत्तर मार्ग या मध्य में होकर गमन करे तो शुभ करने बाला होता है।
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