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बृहत्संहिता • अध्याय 47 • श्लोक 11
दिवि भाति यदा तुहिनांशुयुगं द्विजवृद्धिरतीव तदाशु शुभा। तदनन्तरवर्णरणोऽर्कयुगे जगतः प्रलयस्त्रिचतुष्यभृति ॥
५५१ जिस समय आकाश में दो चन्द्रमी दिखाई दें, और शुभ होता है। यदि दो सूर्य दिखाई दें तो क्षत्रियों में संग्राम होता है तथा तीन-चार उस समय शीघ्र ब्राह्मणों की वृद्धि आदि सूर्य दिखाई दें तो संसार का नाश होता है।
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