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बृहत्संहिता • अध्याय 46 • श्लोक 90
दिव्यस्त्री भूतगन्यर्यविमानासुतदर्शनम् बहनक्षत्रताराणां दर्शनं च दिवाऽम्बरे ॥
दिव्य लो, गन्धर्ष, रथ तथा आथर्य करने वाली वस्तुओं का दर्शन, दिन के समय ग्रह-नक्षत्र आदि का दर्शन, वन तथा पर्वतों में
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