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बृहत्संहिता • अध्याय 46 • श्लोक 88
शक्रायुधपरीवेषविद्युच्युष्कविरोहणम् कम्योद्वर्तनर्वकृत्यं रसन दरणं हितेः ॥
इन्द्रधनुष, सूर्य-चन्द्र का परिषद और मूखे वृधों में अङ्कर निकलना, पृथ्वी आर काँपना, उलटना, स्वरूप बदलना, शब्द करना,
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