मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
बृहत्संहिता • अध्याय 46 • श्लोक 80
दृष्टेषु यातुधानेषु निर्दिशेन्मरकमाशु सम्प्राप्तम्। प्रतिपातायेतेषां गर्गः शान्तिं चकारेमाम् ॥
यदि प्रत्यक्ष में राक्षस दिखाई दे तो बहुत शीघ्र मरी पड़‌ती है। इन पूर्वोक्त उत्पातों के नाश के लिये गर्ग मुनि ने आगे कथित प्रकार की तरह शान्ति कही है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
बृहत्संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

बृहत्संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें