कुक्कुटरुतं प्रदोषे हेमन्तादौ च कोकिलालापाः ।
प्रतिलोममण्डलचराः श्येनाद्याश्चाम्बरे भवदाः ॥
यदि प्रदोष समय में मुर्गा और हेमन्त ऋतु के आदि में कोयल बोलें तथा आकारा में बाज आदि मांस भक्षण करने वाले पक्षी वृत्ताकार मार्ग में प्रदक्षिण क्रम से चलें तो भव देने वाले होते हैं।
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