अधिक सुवर्ण, अन, गाय और पृथ्वी का दान करने से दिव्य उत्पात भी शान्त हो जाता है, फिर आन्तरिक्ष और भौम को तो बात हो क्या? अर्थात् वे दोनों तो शान्त होते ही है। शिवालय में भूमि पर गोदोहन और कोटिसंख्यक हवन से दिव्य उत्पात शान्त हो जाता है।
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