दिव्यं ग्रह र्क्षवैकृतमुल्कानिर्घातपवनपरिवेषाः । गन्धर्वपुरपुरन्दरचापादि यदान्तरिक्षं तत् ॥
र्य आदि ग्रह और नक्षत्रों के विकारयुत होने का नाम दिव्य उल्का, निर्यात, विकारयुत वायु, सूर्य-चन्द्र का परिवेष, गन्धर्वनगर, इन्द्रधनुष आदि ( रोहत, ऐरावत, दण्ड और परिध) से हुये उत्पातों का नाम आन्तरिक्ष
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