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बृहत्संहिता • अध्याय 46 • श्लोक 33
नालेऽब्जयवादीनामेकस्मिन् द्वित्रिसम्भवो मरणम्। कथयति तदधिपतीनां यमलं जातं च कुसुमफलम् ॥
कमल, जौ आदि (गेहूँ और कौनी) के एक नाल में दो या तीन बाल की उत्पत्ति हो तो क्षेत्र के अधिपति का मरण होता है तथा यमल पुष्प या फलों की उत्पत्ति हो तो भी उसके अधिपति का मरण होता है।
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