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बृहत्संहिता • अध्याय 46 • श्लोक 30
सर्पत्सु तरुपु जल्पत्सु वापि जनसंक्षयो विनिर्दिष्टः । वृक्षाणां वैकृत्ये दशभिर्मासैः फलविपाकः ॥
युद्धों के चलने या उनसे किसी प्रकार के शब्द निकलने पर मनुष्यों का नाश होता है। सभी वृक्षों के विकारजन्य फल दश मास में घटित होते है।
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