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बृहत्संहिता • अध्याय 46 • श्लोक 16
मधुपर्केण पुरोधा भक्ष्यैर्बलिभिङ विधिवदुपतिष्ठेत् । स्थालीपाकं गुरुयाद्विधिवन्मन्ननैध तल्लिङ्गः ॥
कत, दहो मिला हुआ भोजन पदार्थ और बॉल आदि से विधिपूर्वक पूजन तथा स्थालोपाक (चर) से उद्‌देषा का मन्त्र पढ़ते हुये अनि में हवन करना बाहिये।
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