मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
बृहत्संहिता • अध्याय 46 • श्लोक 11
गुरुसितशनैश्चरोत्थं पुरोधसां विष्णुजं च लोकानाम् । स्कन्दविशाखसमुत्यं माण्डलिकानां नरेन्द्राणाम् ॥
विष्णु में उत्पन्न विकृति मनुष्यों को, कार्तिकंप और विशाख देव में उत्पन विकृति मण्डलाधिप राजाओं को; वेदव्यास में उत्पत्र विकृति मन्त्री को
पूरा ग्रंथ पढ़ें
बृहत्संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

बृहत्संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें