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बृहत्संहिता • अध्याय 46 • श्लोक 1
यानत्रेरुत्पातान् गर्गः प्रोवाच तानहं वक्ष्ये । तेषां संक्षेपोऽयं प्रकृतेरन्यत्वमुत्पातः ॥
महर्षि गर्ग ने जिन उत्पातों का वर्णन महामुनि अत्रि जी के समक्ष किया था, उन्हीं का संक्षेप रूप यहाँ है।
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