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बृहत्संहिता • अध्याय 44 • श्लोक 9
चन्दनकुष्ठसमङ्गाहरितालमनः शिलाप्रियङ्गुवचाः दन्त्यमृताञ्जनरजनीसुवर्णपुष्यग्निमन्याश्च ॥
चन्दन, कूठ, मीठ, हरिताल, मैनशिल, कंगनी (कौन), वच, गुरुच, अञ्जन, हलदी, सुवर्णपुष्पी, अग्निमन्या (अरणी),
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