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बृहत्संहिता • अध्याय 44 • श्लोक 6
रविवरुणविश्वदेवप्रजेशपुरुहूतवैष्णवैर्मन्त्रैः सप्ताहं शान्तिगृहे कुर्याच्छान्तिं तुरङ्गाणाम् ॥
शान्तिगृह में सूर्य, वरुण, विश्वेदेव, ब्रह्मा, इन्द्र और विष्णु के मन्त्रों से सात दिन तक घोड़ों को शान्ति करनी चाहिये ।
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