मेघरूप पलक तथा चन्द्र-सूर्यरूप दोनों नेत्र वाले भगवान् कमलनाम के नेत्र खोलने पर घोड़ा, हाथी और मनुष्यों को नीराजन (जल का स्पर्श) करना चाहिये ।
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