यदि इन्द्रध्वज पर मांस खाने वाला पक्षी, उल्लू, कबूतर, काक या उजली चिल्ह बैठे तो राजा को अत्यन्त भय, नीलकण्ठ बैठे तो युवराज को भय और बाज बैठे तो नेत्रभय करता है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
बृहत्संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
बृहत्संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।