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बृहत्संहिता • अध्याय 43 • श्लोक 60
नातिद्रुतं न च विलम्बितमप्रकम्प- मध्वस्तमाल्यपिटकादिविभूषणञ्च उत्थानमिष्टमशुभं यदतोऽन्यथा स्या- तच्छान्तिभिर्नरपतेः शमयेत् पुरोधाः ॥
अनतिशीघ्र, अविलम्ब, कम्पनरहित, अनष्ट माला और पिटक आदि भूषण वाले ध्वज का उठना शुभ है। इनसे भिन्न लक्षणयुत ध्वज का उठना अशुभ है। राजपुरोहित को शान्ति के द्वारा विघ्नों को दूर करना चाहिये ।
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