फल, दही, घी, लाजा ( लाई खील लावा), शहद और फूल हाथ में लिये, नत मस्तक वाले तथा मङ्गल शब्द बोलते हुये पुरवासियों के साथ प्रजाओं का स्वामी राजा अनिमिषों ( देवताओं) के भर्ता (स्वामी) इन्द्र के ध्वज को शत्रुवध के लिये शत्रु के नगर की तरफ झुकावे ।
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