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बृहत्संहिता • अध्याय 43 • श्लोक 39
शक्रकुमार्यः कार्याः प्राह मनुः सप्त पञ्च वा तज्ज्ञैः । नन्दोपनन्दसंज्ञे पादोनार्के ध्वजोच्छ्रायात् ॥
ध्यजा के ऊपर पाँच या सात शक्र कुमारी बनाना चाहिये- ऐसा मनु ने कहा है। ध्वजा को ऊँचाई से चौधाई कम नन्दा, ध्वजा के आधा तुल्य उपनन्दा, ध्वजा से सोलहवाँ भाग
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