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बृहत्संहिता • अध्याय 43 • श्लोक 2
देवानुवाच भगवान् क्षीरोदे केशवः स वः केतुम्। यं दास्यति तं दृष्ट्वा नाजौ स्थास्यन्ति वो दैत्याः ॥
भगवान् ब्रह्माजी ने देवताओं से कहा- क्षीरसागर में भगवान् नारायण विराजमान हैं। वे एक केतु (ध्वज) आपको देंगे, जिसको देखकर राक्षसगण युद्ध में नहीं ठहरेंगे।
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