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बृहत्संहिता • अध्याय 41 • श्लोक 9
राशेश्चतुर्दशार्थाय सप्तनवपञ्चमस्थितो जीवः । येकादशदशपश्चाष्टमेषु शशिजश्च वृद्धिकरः ॥
जिस राशि से चतुर्थ, दशम, द्वितीय, एकादश, सप्तम, नवम या पश्चम में बृहस्पति तथा द्वितीय, एकादश, दशम, पश्चम या अष्टम में बुध अवस्थित हो उस राशि के कथित द्रव्यों की वृद्धि करता है। जिस राशि से षष्ठ या सप्तम में शुक्र हो,
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