मीने कपालसम्भवरलान्यम्यूद्भवानि वज्राणि । स्नेहाच नैकरूपा व्याख्याता मत्स्यजातं च ॥
कपाल-सम्भय-रत्न (मुक्ताफल), जल में उत्पन्न वस्तु, हीरा, नाना प्रकार के तेल और मछली से उत्पन्न मुक्ता आदि का स्वामी मीन है।
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