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बृहत्संहिता • अध्याय 41 • श्लोक 6
अष्टमराशाविक्षुः सैक्यं लोहान्यजाविकं चापि । नवमे तु तुरगलवणाम्बरास्वतिलधान्यमूलानि ॥
ईख (गन्ना), लता के फल, लोहा और छाग तथा भेड़-सम्बन्धी वस्तुओं का स्वामी वृश्चिक है। घोड़ा, नमक, वख, तिल, धान्य और मूलोत्पत्र धान्यों का स्वामी धनु है।
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