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बृहत्संहिता • अध्याय 41 • श्लोक 2
वस्त्राविककुतुपानां मसूरगोधूमरालकयवानाम् । स्थलसम्भवौषधीनां कनकस्य च कीर्तितो मेषः ॥
वस्त्र, भेड़ के रोम से निर्मित वख, कुतुप (बकरी के रोम से निर्मित यख), मसूर, गेहूँ, रालक, जौ और स्थल (जल से रहित भूमि) में उत्पन्न औषधियों का स्वामी मेष राति है।
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