मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
बृहत्संहिता • अध्याय 40 • श्लोक 2
भानोरलिप्रवेशे केन्द्रस्तस्माच्छुभग्रहाक्रान्तैः। बलवद्भिः सौम्यैर्वा निरीक्षिते मैष्मिकविवृद्धिः ॥
सूर्य के वृश्चिक में प्रवेश होने के समय उससे (सूर्य से) केन्द्र स्थान ( वृश्चिक, कुम्भ, वृष और सिंह) में शुमग्रह हों या जहाँ-कहीं पर (केन्द्र से इतर स्थान) स्थित बली शुभग्रहों से वृश्चिकगत सूर्य देखा जाता हो तो ग्रीष्म ऋतु में होने वाले धान्यों की वृद्धि होती है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
बृहत्संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

बृहत्संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें