वृश्चिक-स्थित सूर्य से सप्तम और षष्ठ स्थान में दो पापग्रह मङ्गल और शनि बैठे हों तो धान्यों को निष्पत्ति होती है; किन्तु धान्यों का मौल्य महंगा पड़ता है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
बृहत्संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
बृहत्संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।