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बृहत्संहिता • अध्याय 40 • श्लोक 1
वृश्चिकवृषप्रवेशे भानोयें बादरायणेनोक्ताः । ग्रीष्मशरत्सस्यानां सदसद्योगाः कृतास्त इमे ॥
वृश्चिक और वृष राशि में सूर्य का प्रवेश होने के समय ग्रीष्म और शरद् ऋतु में उत्पन्न होने वाले धान्यों के लिये जिन शुभाशुभ फलों को बादरायण मुनि ने कहा है, वे इस प्रकार हैं।
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