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बृहत्संहिता • अध्याय 4 • श्लोक 6
दक्षिणपार्श्वेन गतः शशी विशाखा अनुराधयोः पापः । मध्येन तु प्रशस्तः पितृदेव (पित्र्यस्य) विशाखयोश्चापि ।।
यदि चंद्रमा विशाख और अनुराधा के दक्षिण से गुजरेगा तो वह अशुभ सिद्ध होगा। यदि वह माघ या विशाखा के मध्य से भी गुजर जाए तो वह समृद्धि लायेगा।
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