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बृहत्संहिता • अध्याय 37 • श्लोक 2
पीतो व्याधिं जनयत्यशोकरूपश्च शस्त्रकोपाय। प्रतिसूर्याणां माला दस्युभयातङ्कनृपहन्त्री ॥
पीत वर्ष का प्रतिसूर्य व्याधि करता है। अशोक पुष्य के समान लोहित वर्ष का प्रतिसूर्य शखकोप के लिये होता है। यदि प्रतिसूर्य की माला दिखाई दे तो चोर का भय तथा उपद्रव और राजा का नाश करता है।
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