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बृहत्संहिता • अध्याय 36 • श्लोक 3
सर्वदिगुत्थं सततोत्थितं च भयदं नरेन्द्रराष्ट्राणाम् । चौराटविकान् हन्याद् धूमानलशक्रचापाभम् ॥
पदि प्रतिदिन हर समय गन्धर्वनगर दिखाई दे तो राजा और राष्ट्र दोनों को भय देने बाला होता है तथा यदि धूम, अग्नि या इन्द्रधनुष की तरह कान्ति वाला हो तो चोर और बनवासियों का नाश करता है।
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